लैटिन अमेरिका के 17 दक्षिणपंथी राष्ट्रों के समूह ने सुरक्षा मुद्दों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ चर्चा की है। इस समूह को ‘अमेरिका की ढाल’ (Escudo de las Américas) के रूप में जाना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल डोनाल्ड़ ट्रम्प के प्रशासन द्वारा समर्थित है। यह समूह, जो कि क्षेत्र के दक्षिणपंथी राष्ट्रों का प्रतिनिधित्व करता है, सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर केंद्रित है। यह घटना डोनाल्ड़ ट्रम्प के ‘मोनरो सिद्धांत’ (Monroe Doctrine) के आधुनिक संस्करण के रूप में देखी जा रही है। यह गठबंधन क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। इस पहल के दीर्घकालिक परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह अमेरिका और लैटिन अमेरिका के बीच संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
