रूस, भारत और चीन के बीच त्रिपक्षीय संवाद फिर से राजनयिक मंच पर उभर रहा है। हालांकि अभी तक औपचारिक रूप से यह संवाद शुरू नहीं हुआ है और निकट भविष्य में किसी शिखर बैठक की कोई योजना नहीं है, लेकिन संकेत स्पष्ट हैं। मास्को ने 2025 में इस प्रारूप को पुनर्जीवित करने की पहल की थी, जिस पर भारत ने ‘पारस्परिक रूप से सुविधाजनक’ तरीके से बैठक आयोजित करने की सहमति जताई थी। चीन ने भी रूस और भारत के साथ त्रिपक्षीय सहयोग पर संवाद बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की है। हाल ही में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इस विषय पर बात की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि तीनों देश इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए इच्छुक हैं। यह त्रिकोण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फिलहाल, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह संवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
