जर्मनी की प्रमुख हथियार निर्माता कंपनी राइनमेटल के प्रमुख ने फ्रांको-जर्मन भविष्य के टैंक परियोजना, एमजीसीएस (MGCS) से फ्रांस के संभावित हटने की संभावना व्यक्त की है। यह बयान पेरिस और बर्लिन द्वारा शुरू किए गए लड़ाकू विमान एसCAF (Scaf) परियोजना की विफलता के बाद आया है। राइनमेटल के प्रमुख ने संकेत दिया कि यदि फ्रांस ने एसCAF परियोजना में सहयोग जारी रखने में कठिनाई महसूस की, तो वह एमजीसीएस से भी पीछे हट सकता है। इस स्थिति से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग पर असर पड़ सकता है। एमजीसीएस परियोजना का उद्देश्य एक अगली पीढ़ी का टैंक विकसित करना है जो फ्रांस और जर्मनी दोनों की सेनाओं की जरूरतों को पूरा कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि एसCAF की विफलता के कारण फ्रांस अपनी रक्षा क्षमताओं को लेकर अधिक स्वतंत्र रुख अपना सकता है। इस संभावित कदम से यूरोपीय रक्षा उद्योग में भी बदलाव आ सकते हैं।