सर्बिया के उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश राडमिला द्रागीचेविच दिचिच ने हाल ही में पारित “मर्डिच कानूनों” को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन कानूनों के निर्माण और कार्यान्वयन को “शर्मनाक” बताया है। दिचिच ने कानूनों की वैधता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, और कहा है कि ये सर्बिया के कानूनी ढांचे के लिए हानिकारक हैं। उनका मानना है कि इन कानूनों से न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में पड़ सकती है। इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज संगठनों ने भी चिंता व्यक्त की है। इन कानूनों के विरोध में प्रदर्शन भी हुए हैं, जिसमें नागरिकों ने सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग की है। दिचिच का बयान इस मुद्दे पर बहस को और तेज कर सकता है।