फ़्रांस में एक नई रिपोर्ट में पुलिस द्वारा युवाओं पर लगाए जा रहे भेदभावपूर्ण जुर्माने को लेकर चिंता जताई गई है। ह्यूमन राइट्स वॉच सहित कई गैर-सरकारी संगठनों द्वारा एक वर्ष से अधिक समय तक किए गए जांच में यह पाया गया है कि काले और अरब मूल के युवाओं को लक्षित करते हुए पुलिस उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अक्सर इन युवाओं को मामूली उल्लंघनों के लिए जुर्माना लगाती है, जो उत्पीड़न का एक रूप है। यह अभ्यास भेदभावपूर्ण माना जा रहा है और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। जांचकर्ताओं ने इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और पुलिस जवाबदेही बढ़ाने की मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के जुर्माने युवाओं के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं और सामाजिक असमानता को बढ़ाते हैं। अधिकारियों ने अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
