किस्फालुडी कार्यक्रम, जो हंगरी में ग्रामीण विकास के लिए शुरू किया गया था, अब विवादों में घिर गया है। इस कार्यक्रम पर आरोप है कि यह ‘एनईआर’ (राष्ट्रीय सहयोग) से जुड़े व्यापारिक समूहों की ओर लक्षित था और फिड्स पार्टी के नेतृत्व वाले कस्बों को अत्यधिक समर्थन दिया गया। आलोचकों का कहना है कि कार्यक्रम में व्यक्तिपरक मानदंडों का उपयोग किया गया था, जिससे धन आवंटन में पारदर्शिता की कमी थी। यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के परिणामस्वरूप संदिग्ध परिणाम मिले हैं, जिससे इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि धन का उपयोग प्रभावी ढंग से किया गया था या नहीं। हंगरी में अब इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें कार्यक्रम के वित्तपोषण और परिणामों की गहन जांच की मांग की गई है। मामले में जांच से हंगरी की राजनीति और ग्रामीण विकास नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

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