रेंटलाह, एक कार किराये पर देने वाली कंपनी, ने अपने पूर्व निदेशक और एक वित्त कंपनी पर कथित 'कैशबैक' योजना को लेकर मुकदमा दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि इस योजना के माध्यम से वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। जवाब में, वित्त कंपनी ने भी रेंटलाह पर किराया-खरीद किश्तों का भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए जवाबी मुकदमा दायर किया है। यह मामला अब कानूनी विवाद में बदल गया है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। रेंटलाह का कहना है कि पूर्व निदेशक और वित्त कंपनी ने मिलकर धोखाधड़ी की है। वहीं, वित्त कंपनी का दावा है कि रेंटलाह अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल रही है। अदालत में आगे की सुनवाई से यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में सच्चाई क्या है और कौन सही है। यह विवाद कार किराये के बाजार और वित्त क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।