जर्मनी में, वोनोविया नामक एक बड़ी आवास कंपनी द्वारा एक 75 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला के किराए में 1000 यूरो की वृद्धि करने के प्रयास को अदालत ने खारिज कर दिया है। महिला ने अदालत में कंपनी के खिलाफ सफलतापूर्वक मुकदमा लड़ा। यह मामला किरायेदारी अधिकारों और बड़ी आवास कंपनियों के व्यवहार से संबंधित है। अदालत के फैसले से यह संकेत मिलता है कि किरायेदार अन्यायपूर्ण किराया वृद्धि के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ सकते हैं। वोनोविया का लक्ष्य किराए में भारी वृद्धि करना था, लेकिन अदालत ने इसे अनुचित माना। इस फैसले को वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर किरायेदारों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला जर्मनी में आवास बाजार में किरायेदारी अधिकारों की बहस को और तेज कर सकता है।