आवासीय किरायेदारी बाजार में निवेशकों का उत्साह कम हो रहा है। किराये पर नियंत्रण बढ़ने और किरायेदारों द्वारा भुगतान न करने की बढ़ती चिंताओं के कारण, संपत्ति मालिकों को निवेश करना अब फायदेमंद नहीं लग रहा है। कई मालिकों का मानना है कि कानूनी सुरक्षा की कमी निवेश को और भी जोखिम भरा बना रही है। इस स्थिति के कारण, कुछ मालिक अपनी संपत्तियां बेचने या उन्हें अन्य उपयोगों के लिए आवंटित करने पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो किराये के आवास की कमी हो सकती है। सरकार और संपत्ति मालिकों को इस मुद्दे पर मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि किरायेदारी बाजार को स्थिर रखा जा सके।