प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना और शिक्षिका इंदु मitha का गत रात कराची में निधन हो गया। वह 83 वर्ष की थीं और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। इंदु मitha ने कथक नृत्य को समर्पित अपना जीवन समग्र कला के एक मजबूत समर्थक के रूप में बिताया। उन्होंने कई छात्रों को प्रशिक्षित किया, जो आज विभिन्न क्षेत्रों में कला को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी नृत्य शैली पारंपरिक और नवीन शैलियों का एक सुंदर मिश्रण थी। इंदु मitha को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था, और उन्हें पाकिस्तान की कला और संस्कृति में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा। उनके निधन से कला समुदाय में गहरा शोक है।