धार्मिक समुदाय में अविवाहित लोगों की स्थिति पर इस सप्ताह एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में उद्यमी, प्रबंधक, सलाहकार और अविवाहित महिलाओं ने भाग लिया। पैनल का उद्देश्य धार्मिक समुदाय में अविवाहित रहने के मुद्दे पर संवेदनशील, दर्दनाक लेकिन आशाजनक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना था। चर्चा में इस धारणा को चुनौती दी गई कि एक निश्चित उम्र के बाद विवाह करना ‘देर’ हो जाता है। पैनलिस्टों ने अविवाहित जीवन के सकारात्मक पहलुओं और व्यक्तिगत पूर्ति की संभावनाओं पर जोर दिया। यह कार्यक्रम धार्मिक समुदाय में विवाह और अविवाहित जीवन के बारे में चल रही बातचीत का हिस्सा था। इस चर्चा का उद्देश्य समाज में अविवाहित लोगों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव लाना है।