धार्मिक दलों द्वारा मांगों और अल्टीमेटम जारी करने के बावजूद, लिकुड पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती से बचने वालों के लिए शिशु देखभाल सब्सिडी प्रदान करने के उद्देश्य से 'बोर्डिंग स्कूल कानून' को पारित करने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है। यह कानून, जो अनिवार्य सैन्य सेवा से बचने वालों के बच्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से है, अब आगे नहीं बढ़ेगा। लिकुड का यह रुख धार्मिक दलों के लिए एक बड़ा झटका है, जिन्होंने इस कानून को पारित करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। इस फैसले से राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है, क्योंकि धार्मिक दल इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाए हुए थे। यह कानून इजरायली समाज में सैन्य सेवा के मुद्दे पर चल रहे विवाद का एक हिस्सा था। अब इस कानून के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
