मध्य पूर्व में संघर्ष विराम के बावजूद वैश्विक तेल की कीमतों में कुछ कमी आई है, लेकिन क्षेत्रीय व्यवसायों पर ईंधन के बढ़ते दामों का गंभीर प्रभाव बना हुआ है। छोटे शहरों के कॉफी शॉप और पुराने व्यवसाय बंद होने के कगार पर हैं। व्यवसायियों का कहना है कि ईंधन से राहत देने वाले उपायों को जारी रखना आवश्यक है, क्योंकि ईंधन संकट से हुए नुकसान की भरपाई अभी बाकी है। उनका तर्क है कि कीमतों में मामूली गिरावट से उनकी लागत का बोझ कम नहीं हुआ है। कई व्यवसाय अभी भी उच्च ईंधन लागत के कारण संघर्ष कर रहे हैं और अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार से तत्काल और निरंतर सहायता की मांग की जा रही है ताकि इन व्यवसायों को बचाया जा सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में स्थिरता आने तक राहत उपायों को जारी रखना महत्वपूर्ण है।