अमेरिकी संघीय संचार आयोग (FCC) ने रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के पहले दर्पण-उपग्रह को मंजूरी दे दी है। यह उपग्रह पृथ्वी पर रात में सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करेगा। खगोलविदों ने इसे एक अस्तित्वगत खतरे के रूप में वर्णित किया है, जबकि कंपनी इसे स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत बता रही है। इस निर्णय से रात के आकाश में प्रकाश प्रदूषण बढ़ने की आशंका है, जो खगोलीय वेधशालाओं के काम को बाधित कर सकता है। वैज्ञानिक चिंतित हैं कि यह उपग्रह तारों के अवलोकन में हस्तक्षेप करेगा और रात के आकाश की प्राकृतिक सुंदरता को छीन लेगा। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल का तर्क है कि यह तकनीक शहरों को रोशन करने के लिए एक टिकाऊ और किफायती तरीका प्रदान कर सकती है, जिससे ऊर्जा लागत कम होगी। हालांकि, इस परियोजना को लेकर विवाद जारी है और इसके पर्यावरणीय प्रभावों का मूल्यांकन किया जा रहा है।