हाल ही में हुए एक फुटबॉल मैच में, पराग्वे के खिलाड़ी मिगुएल अल्मीरोन को विरोधी खिलाड़ी से कुछ कहने के बाद मुंह ढकने के कारण रेड कार्ड दिखाया गया था। वहीं, इंग्लैंड के खिलाड़ी जूड बेल्लिंगहैम ने घाना के खिलाफ मैच में भी ऐसा ही किया, लेकिन उन्हें कोई कार्ड नहीं मिला। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्यों बेल्लिंगहैम को दंडित नहीं किया गया। रेफरी के इस निर्णय पर बहस छिड़ गई है, क्योंकि दोनों खिलाड़ियों ने एक जैसे व्यवहार का प्रदर्शन किया था। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेफरी की व्यक्तिगत विवेकाधिकार का मामला था, जबकि अन्य इसे असंगत निर्णय मानते हैं। इस घटना ने फुटबॉल में नियमों की निष्पक्षता पर भी चर्चा छेड़ दी है।