तुर्की और पराग्वे के बीच हुए विश्व कप मैच में रेफ़री इवान बार्टन के एक फैसले ने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने एक खिलाड़ी को हाथ मुंह पर रखकर विरोध करने पर सीधा लाल कार्ड दिखाया। विश्व कप के इतिहास में पहली बार किसी खिलाड़ी को इस तरह के व्यवहार के लिए मैदान से बाहर भेजा गया है। यह फैसला विवादित रहा और मैच के परिणाम पर असर डाल सकता है। रेफ़री के इस निर्णय से तुर्की टीम को नुकसान हुआ, जिसके कारण उन्हें पराग्वे के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस घटना ने खेल में अनुशासन और रेफ़री के अधिकार पर बहस छेड़ दी है। फुटबॉल जगत में इस फैसले की खूब चर्चा हो रही है।
