11 जून को, देश भर में 1.2 मिलियन से अधिक छात्रों ने अपनी पहली परीक्षा, भाषा और साहित्य की परीक्षा दी। इनमे से लगभग 63,800 स्वतंत्र उम्मीदवार थे, जो कि हाई स्कूल स्नातक परीक्षा के नाम बदलने के बाद से अब तक की सबसे अधिक संख्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में प्रस्तावित कठिन परीक्षा प्रारूप के कारण छात्रों की यह संख्या बढ़ी है। कई छात्र पहले से ही परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं ताकि वे अगले साल के संभावित कठिन प्रश्नों के लिए तैयार रहें। यह संख्या परीक्षा प्रणाली में बदलाव और छात्रों की भविष्य की चुनौतियों के प्रति सक्रियता को दर्शाती है। स्वतंत्र उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या शिक्षा मंत्रालय के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह दर्शाता है कि छात्रों को परीक्षा के प्रारूप में बदलाव के बारे में जानकारी है और वे उसके अनुसार तैयारी कर रहे हैं।