संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने सोमवार को बताया कि 2025 में 350 मानवीय कार्यकर्ताओं की जान चली गई। इनमें से 186 गाजा में और 71 सूडान में मारे गए। यह आंकड़ा मानवीय कार्यकर्ताओं पर हिंसा का एक दुखद रिकॉर्ड है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। OCHA ने एक बयान में बताया कि यह संख्या कार्यकर्ताओं के लिए बढ़ती असुरक्षा और संघर्ष क्षेत्रों में काम करने की चुनौतियों को दर्शाती है। गाजा और सूडान में चल रहे संघर्षों ने मानवीय सहायता कर्मियों के लिए विशेष रूप से खतरनाक हालात पैदा कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र इस बढ़ती हिंसा की कड़ी निंदा करता है और मानवीय कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान करता है। यह वैश्विक स्तर पर मानवीय सहायता प्रयासों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।