सीमा पर पशु चिकित्सा नियंत्रण परिणामों की प्रतीक्षा में कच्चे दूध के आयात में देरी होने से आयातकों ने चिंता व्यक्त की है। एक व्यवसायी ने ‘दैनिक’ को पत्र लिखकर इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है। आयातकों का कहना है कि सीमा पर लंबा इंतजार उत्पादों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। वे इस प्रक्रिया में तेजी लाने और स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं। इस देरी से दूध उद्योग को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। अधिकारियों ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह समस्या आयातित कच्चे दूध की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकती है।