नेपाल और चीन के बीच प्रमुख व्यापार मार्ग, रासुवा-केरुंग, अब पूरी तरह से भरोसेमंद नहीं रहा है। मुख्य प्रवेश द्वार नष्ट हो जाने और वैकल्पिक मार्गों पर बाढ़, भूस्खलन और कठोर मौसम का खतरा बना रहने के कारण, व्यापारियों को एक बार फिर अनिश्चित त्योहारों के मौसम का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग पहले ‘ऑल-वेदर’ के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। वैकल्पिक रास्ते भी सुरक्षित नहीं हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की आशंका है। व्यापारियों का कहना है कि इस स्थिति में त्योहारों के लिए जरूरी सामान की आपूर्ति में कठिनाई हो सकती है। सरकार इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है, लेकिन तत्काल कोई ठोस उपाय दिखाई नहीं दे रहा है।