अल्माटी चिड़ियाघर में प्रजेवाल्स्की के घोड़े का एक शावक पैदा हुआ है, जो इस दुर्लभ प्रजाति के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। १४ जून को जन्मे इस मादा शावक का नाम झेलमाया रखा गया है। यह कुर्बानकुल नामक घोड़ी का दूसरा बच्चा है और इसके पिता का नाम मेरेय है। प्रजेवाल्स्की का घोड़ा दुनिया की सबसे दुर्लभ जंगली घोड़ों में से एक है, और अल्माटी चिड़ियाघर इस प्रजाति को बचाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। झेलमाया का जन्म चिड़ियाघर के संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। यह घटना वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में आशा की किरण है। चिड़ियाघर अधिकारी शावक के स्वास्थ्य और विकास पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।