फ्रांस की राजधानी पेरिस में, छह जॉर्जियाई नागरिकों को रूसी साहित्य के दुर्लभ ग्रंथों की चोरी के आरोप में दोषी ठहराया गया है। इन ग्रंथों में महान रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन की रचनाएँ भी शामिल थीं। अदालत ने आरोपियों को 18 महीने की निलंबित जेल से लेकर सात साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। यह घटना 12 से 13 जून की रात के बीच हुई थी। चोरी की गई कृतियाँ अत्यंत मूल्यवान और साहित्यिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इस मामले में दोषियों की पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन फ्रांसीसी अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया था। यह फैसला कलाकृतियों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में चोरी को रोकने के प्रयासों को दर्शाता है।
