एक अदालत ने एक दुष्कर्मी को, जिसने एक 14 वर्षीय लड़की पर हमला किया था और उस घटना की तारीख को टैटू बनवाया था, दस साल की जेल की सज़ा सुनाई है। आरोपी ने पीड़िता का सोशल मीडिया पर अपमानजनक संदेशों के माध्यम से लगातार उत्पीड़न किया था। अदालत ने उसकी हरकत को “निर्दयी और बेरहम” बताया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपी ने अपराध के बाद भी पीड़िता का मज़ाक उड़ाया। इस मामले में, अदालत ने अपराध की गंभीरता और आरोपी के पश्चाताप की कमी को ध्यान में रखते हुए सज़ा सुनाई। पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यह फैसला दुष्कर्म के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का संदेश देता है।