कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि कश्मीर में छर्रे बंदूक से घायल हुए लोगों के मामले में पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की, क्योंकि उन्हें "ऊपर से आदेश" मिले थे। गांधी ने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने खुद यह स्वीकार किया कि प्राथमिकी दर्ज करने में उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने रोका था। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में सरकार और प्रशासन बाधाएं डाल रहा है। इस आरोप से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। पुलिस ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। गांधी का यह बयान कश्मीर में मानवाधिकारों के मुद्दे को फिर से उजागर करता है और सुरक्षा बलों की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। इस मामले में आगे की जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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