रादनाई ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है, लेकिन जांचकर्ताओं को हर पत्र पर उनका ईमेल पता मिला है। यह खोज रादनाई की कथित भागीदारी पर संदेह पैदा करती है, जबकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। इस मामले में आगे की जांच चल रही है, और यह ईमेल खोज एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सबूत रादनाई के दावों को कमजोर करता है और जांच को नई दिशा दे सकता है। फिलहाल, रादनाई के वकील इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर रहे हैं। यह घटना ऑनलाइन गोपनीयता और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के महत्व पर प्रकाश डालती है। जांचकर्ता अब यह निर्धारित करने का प्रयास कर रहे हैं कि रादनाई का ईमेल पत्राचार में कैसे शामिल हुआ।