राहेल राबिन, पूर्व प्रधानमंत्री यित्ज़ाक राबिन की बहन और एक प्रमुख किबुट्ज़ शिक्षक, 101 वर्ष की आयु में चल बसीं। वह दशकों से लेबनान सीमा के पास किबुट्ज़ मनारा में रहती थीं। अपनी हत्या से पहले वह अपने भाई के काफी करीब थीं। उन्होंने बताया कि उनके भाई ने हमेशा उनकी रक्षा की, भले ही दूर से ही। राहेल राबिन, इज़राइल के किबुट्ज़ आंदोलन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थीं और उन्होंने कई पीढ़ियों के बच्चों को शिक्षित किया। उनका निधन इज़राइल के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी विरासत शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में जीवित रहेगी।