इजराइल के एक प्रमुख रब्बी, यित्ज़ाक योसेफ ने ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को यह्रदी सैनिकों की गिरफ्तारी के लिए दैवीय दंड बताया है। योसेफ, जो अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं, ने इस समझौते के लिए अटॉर्नी जनरल को भी दोषी ठहराया है। उनका कहना है कि अटॉर्नी जनरल की नीतियों के कारण ही पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का इजराइल के प्रति रवैया बदल गया। रब्बी योसेफ का यह बयान इजराइल के राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बहस का विषय बन गया है। यह्रदी समुदाय में सैन्य सेवा से बचने की प्रवृत्ति को लेकर इजराइल में लंबे समय से विवाद रहा है। इस समझौते को लेकर इजराइल सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह बयान निश्चित रूप से तनाव बढ़ा सकता है। यह मामला इजराइल की घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
