क्वींसलैंड के उप-मुख्यमंत्री जारोड ब्लेइजी ने युवा जेलों में बंद किशोरों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जेलों में होने वाले लॉकडाउन के लिए ये किशोर स्वयं ज़िम्मेदार हैं। ब्लेइजी का मानना है कि जेल कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किशोरों की तुलना में उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि किशोरों को ‘युवा कीड़े’ (juvenile grubs) कहना उचित है, जो उनकी हरकतों के लिए ज़िम्मेदार हैं। इस बयान ने विवाद पैदा कर दिया है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि यह किशोर न्याय प्रणाली के प्रति असंवेदनशील रवैया दर्शाता है। ब्लेइजी के इस रुख से जेलों में बंद किशोरों के अधिकारों और उनके पुनर्वास की संभावनाओं पर सवाल उठ रहे हैं। उनका जोर जेल कर्मचारियों की सुरक्षा पर है, लेकिन किशोरों के प्रति कठोर दृष्टिकोण चिंताजनक है।