फ्रांस का क्वै ब्रांली संग्रहालय अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने पर भविष्य की दिशा तय करने के लिए आत्म-मूल्यांकन कर रहा है। यह संग्रहालय उन सांस्कृतिक वस्तुओं के प्रत्यावर्तन (restitution) से जुड़े सवालों पर विचार कर रहा है जिनकी वापसी की मांग की जा रही है। हाल ही में, सांस्कृतिक धरोहरों के प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया को आसान बनाने वाला एक नया कानून लागू किया गया है। इस कानून के बाद संग्रहालय अपनी भूमिका और उद्देश्यों पर खुलकर विचार कर रहा है। संग्रहालय अब यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य में वह किस प्रकार से अपनी संग्रह नीति और प्रदर्शनों को आकार देगा। यह आत्म-मूल्यांकन संग्रहालय के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि वह बदलते वैश्विक परिदृश्य और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के प्रति अपनी प्रतिक्रिया को समायोजित करने का प्रयास कर रहा है। यह संग्रहालय अपनी विरासत को संरक्षित करने और साथ ही उन समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है जिनसे ये वस्तुएं प्राप्त हुई थीं।