फीफा ने उस कतर के खिलाड़ी पर पाँच मैचों का प्रतिबंध लगाया है जिसने विपक्षी खिलाड़ी का पैर तोड़ा था। आसीम मादीबू, जिसने यह फाउल किया, घटना के बाद से मानसिक रूप से टूट गए हैं। हैरानी की बात यह है कि घायल खिलाड़ी, इस्माइल कोने, ने भी मादीबू को माफ कर दिया है। हालांकि, फीफा ने माफ़ी स्वीकार करने के बावजूद दंड बरकरार रखा है। यह फैसला खेल में अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने की फीफा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस घटना ने खेल जगत में निष्पक्ष खेल और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। प्रतिबंध के बाद, मादीबू के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।