वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध के शुरुआती दिनों में कतर ने तेहरान को एक गुप्त समझौता करने का प्रस्ताव दिया था। इस समझौते का उद्देश्य रस लफ्फान गैस परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। कतर ने गैस उत्पादन रोकने का प्रस्ताव रखा, जिससे बाजार प्रभावित होते और संघर्ष को समाप्त करने का दबाव बनता। रिपोर्ट में कहा गया है कि कतर का यह कदम संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक रणनीति थी। हालांकि, कतर सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल उठाया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मध्य पूर्व में ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक तनावों को दर्शाता है। इस घटनाक्रम से कतर और ईरान के बीच संबंधों पर भी सवाल उठ रहे हैं।