यूक्रेनी विशेषज्ञ पावलो लाकिचुक के अनुसार, यदि रूस अक्टूबर में जुटाव की घोषणा करता है, तो मई 2027 तक सेना को अधिकतम स्तर तक बढ़ाया जा सकता है। उनका मानना है कि यदि सैनिकों की संख्या में तेजी से वृद्धि की आवश्यकता होती है, तो व्लादिमीर पुतिन बेलारूसी सैनिकों को युद्ध में शामिल कर सकते हैं। लाकिचुक के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति यह कदम अलेक्जेंडर लुकाशेंको की इच्छा के विरुद्ध भी उठा सकते हैं। यह कदम रूस की सैन्य रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बेलारूस और रूस के बीच संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।