रूस की महाशक्ति स्थिति अब लगभग पूरी तरह से उसके परमाणु हथियारों पर निर्भर है। "फाइनेंशियल टाइम्स" के अनुसार, रूसी परमाणु हमले का खतरा तेजी से कम हो रहा है और उसे कम आंका जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि व्लादिमीर पुतिन पश्चिम को डराने की क्षमता खो रहे हैं। यह स्थिति एक तरफ़ लाभदायक है, लेकिन दूसरी तरफ़ क्रेमलिन को और अधिक साहसी कदम उठाने के लिए उकसा सकती है। रूस का प्रभाव अब परमाणु भय पर आधारित नहीं रहा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में बदलाव आ सकता है। इस बदलाव से रूस के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जिसके परिणामस्वरूप अप्रत्याशित प्रतिक्रियाएँ भी हो सकती हैं। स्थिति की निगरानी करना महत्वपूर्ण है।