राजनीतिक विश्लेषक एंटोन एलेक्सेजेव का मानना है कि व्लादिमीर पुतिन प्रशासन को अपने देश के नागरिकों की समझ नहीं है। याब्लोको पार्टी को राज्य ड्यूमा चुनावों में भाग लेने की अनुमति देने और उसकी बढ़ती लोकप्रियता का अनुमान लगाने में विफल रहने से यह बात स्पष्ट होती है। एलेक्सेजेव के अनुसार, यह निर्णय दर्शाता है कि पुतिन और उनके सहयोगी रूसी जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं से कटे हुए हैं। प्रशासन ने याब्लोको की संभावित सफलता को कम करके आंका, जो कि एक महत्वपूर्ण चूक थी। यह स्थिति पुतिन के नेतृत्व और उनकी नीतियों की वैधता पर सवाल उठाती है। एलेक्सेजेव का तर्क है कि रूस में वास्तविक राजनीतिक परिदृश्य को समझने के लिए जनता की राय को ध्यान में रखना आवश्यक है। यह घटना पुतिन प्रशासन की राजनीतिक दूरदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।