क्रेमलिन के प्रमुख और उनके सहयोगी, दुनिया को जो दिखाना चाहते हैं, उससे कहीं अधिक अनिश्चित हैं कि वे सत्ता पर नियंत्रण बनाए रख पाएंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगामी चुनावों को लेकर चिंतित हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पुतिन और उनके निकटियों को अपनी स्थिति को लेकर संदेह हो रहा है। हाल के संकेतों से पता चलता है कि वे इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि वे चुनावों में सफल हो पाएंगे। यह स्थिति रूस में राजनीतिक अस्थिरता की संभावना को बढ़ाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चिंता पुतिन के शासन में बढ़ती दरार का संकेत है।