डेनिश दार्शनिक लेन राहेल एंडरसन के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन, शी चिनफिंग और ईरान के नेता केवल अपने हितों के प्रति वफादार हैं। उनका मानना है कि ये नेता किसी भी विचारधारा या सामूहिक लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं। यही कारण है कि इन नेताओं के बीच एक मजबूत और स्थायी गठबंधन बनाना अत्यंत कठिन है। एंडरसन, जो सामाजिक दर्शन और सांस्कृतिक विकास पर एक लोकप्रिय यूरोपीय बेस्टसेलर 'द नॉर्डिक सीक्रेट' की लेखिका भी हैं, का कहना है कि प्रत्येक नेता अपनी व्यक्तिगत शक्ति और लाभ को प्राथमिकता देता है। इस विश्लेषण से पता चलता है कि भू-राजनीतिक परिदृश्य में इन देशों के बीच सहयोग अस्थिर और अवसरवादी हो सकता है। एंडरसन ने एक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखी हैं और वह एक अर्थशास्त्री भी हैं।
