पश्चिमी खुफिया एजेंसियां रूस द्वारा बाल्टिक देशों या पोलैंड पर संभावित हमलों की तैयारी को लेकर चेतावनी जारी कर रही हैं। आशंका है कि रूस ड्रोन या मिसाइल हमलों जैसे हाइब्रिड हमलों का सहारा ले सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि रूस इस तरह की त्वरित कार्रवाई करके नाटो की एकजुटता का परीक्षण कर सकता है। यह कार्रवाई रूस के लिए एक 'अंतिम मौका' हो सकती है। नाटो सदस्य देशों ने इस खतरे को गंभीरता से लिया है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। फिलहाल, रूस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पश्चिमी देशों में चिंता का माहौल है। इस संभावित खतरे के मद्देनजर नाटो अपनी सैन्य तैयारियों का आकलन कर रहा है।