रूसी संसद चुनाव के बाद आंशिक सैन्य जुटाव की अफवाहें महीनों से चल रही हैं। क्रेमलिन अभी भी हिचकिचा रहा है। लेकिन भारी नुकसानों के कारण, उसके पास कोई और विकल्प नहीं रह सकता है। सूत्रों का कहना है कि पुतिन को शरद ऋतु में नागरिकों को लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। यूक्रेन में युद्ध के चलते रूस को भारी जनहानि हुई है, जिससे सैनिकों की कमी हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए, क्रेमलिन अधिक सैनिकों की भर्ती करने पर विचार कर रहा है। यह कदम रूस के भीतर विरोध को जन्म दे सकता है, लेकिन पुतिन के लिए युद्ध जारी रखने का एकमात्र तरीका हो सकता है।