रूस ने लीबिया की अस्थिर स्थिति के बीच सद्दाम हifter की मेजबानी की है। यह कदम वाशिंगटन और अंकारा द्वारा लीबिया के राजनीतिक और सैन्य संस्थानों को फिर से एकजुट करने के प्रयासों के बीच आया है। मॉस्को ने लीबिया के पूर्वी गुट के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए हैं। यह बैठक लीबिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव और बाहरी शक्तियों की भूमिका को दर्शाती है। विश्लेषकों का मानना है कि रूस लीबिया में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इस विकास से लीबिया में शांति प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। यह क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ा सकता है।