रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन युद्ध में हार से बचने के लिए बड़े पैमाने पर सैनिकों को जुटाने (mobilization) पर विचार कर सकते हैं। अटलांटिक काउंसिल में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, यह कदम रूस द्वारा युद्ध में भारी नुकसान, यूक्रेनी ड्रोन हमलों और गंभीर ईंधन संकट के बीच उठाया जा सकता है। राष्ट्रीय रणनीतिक अध्ययन संस्थान के शोधकर्ता मिकोला बेलिएस्कोव का कहना है कि रूस को मोर्चे पर भारी नुकसान हो रहा है। यूक्रेन की ओर से बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमले भी रूस के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। बेलिएस्कोव का मानना है कि यह कदम रूस के लिए भारी जोखिम पैदा कर सकता है। यह निर्णय रूस के भीतर राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता का कारण बन सकता है।

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