रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार किया है कि यूक्रेन के हमलों का रूस की अर्थव्यवस्था और समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यूक्रेन ने क्रीमिया में ईंधन आपूर्ति के साथ-साथ रूसी रिफाइनरियों, डिपो और पाइपलाइनों को निशाना बनाना बढ़ा दिया है। पुतिन ने इन हमलों के कारण होने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया है, हालांकि उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी। माना जा रहा है कि इन हमलों से रूस की ऊर्जा अवसंरचना को नुकसान पहुंचा है और ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमले रूस के सैन्य प्रयासों को कमजोर करने और आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। पुतिन की यह टिप्पणी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच आई है, जो पिछले दो वर्षों से जारी है। इस युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।