व्लादिमीर पुतिन के एक दूत, बोरिस तितोव ने अर्थव्यवस्था पर सैन्य-औद्योगिक परिसर की ज़रूरतों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने के जोखिमों के बारे में चेतावनी जारी की है। यह बयान क्रेमलिन के हलकों से चिंता का एक दुर्लभ संकेत है। तितोव का कहना है कि रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सैन्य उत्पादन पर अत्यधिक निर्भरता के संभावित नकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला। यह चेतावनी चुनावों से पहले आई है, जो इस मुद्दे की संवेदनशीलता को बढ़ाती है। यह बयान रूस की आर्थिक नीतियों की दिशा पर एक महत्वपूर्ण बहस शुरू कर सकता है। यह क्रेमलिन के भीतर संभावित मतभेदों का भी संकेत देता है।