तेहरान के फ़र्दोसी हॉल में रविवार (12 अक्टूबर 2026) को बहरोज़ ग़रीबपुर द्वारा डिजाइन, लिखित और निर्देशित एक कठपुतली ओपेरा "प्रेम" प्रस्तुत किया गया। यह प्रदर्शन रूदाकी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। यह कहानी 12वीं सदी के फ़ारसी कवि, फ़रीद अल-दीन अत्तार नीशापुरी द्वारा रचित ‘पक्षी सम्मेलन’ (मन्तिक़ अत-तैयर) से ली गई है। ओपेरा 'प्रेम' की थीम पर आधारित है और यह दर्शकों को एक अद्वितीय सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करता है। ग़रीबपुर का निर्देशन और प्रस्तुति ने कहानी को जीवंत कर दिया। यह कार्यक्रम फ़ारसी कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। फ़र्दोसी हॉल में यह प्रस्तुति कला प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव रही।