पंजाब बार काउंसिल ने मोमिना इकबाल और एमपीए साकिब चद्हार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों को मीडिया से बात करने से रोक दिया है। यह कदम एक विवादास्पद मामले के संबंध में चल रही जांच के बीच उठाया गया है। काउंसिल का कहना है कि यह आदेश मामले की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने और जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए जारी किया गया है। वकीलों को किसी भी मंच पर मामले पर सार्वजनिक बयान देने से मना किया गया है। इस प्रतिबंध की आलोचना करते हुए कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है। मामले में आगे की जांच जारी है और काउंसिल के फैसले पर कानूनी चुनौती दिए जाने की संभावना है। यह घटना पंजाब की कानूनी बिरादरी में बहस का विषय बन गई है।