पंजाब विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान सामाजिक क्षेत्र में कटौती के आरोपों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष ने सरकार पर सामाजिक सेवाओं के लिए आवंटित धन में कमी करने का आरोप लगाया, जिससे सदन में तनाव बढ़ गया। वित्त मंत्री ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए आवंटन में कोई कमी नहीं की गई है, बल्कि इसे पुनर्गठित किया गया है। विपक्ष ने सरकार के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होकर सदन से बहिर्गमन किया। इस मुद्दे पर आगे चर्चा के लिए एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्यमंत्री ने सदन में शांति बनाए रखने और रचनात्मक बहस करने की अपील की। इस घटना से राज्य की राजनीति में गरमाहट आ गई है और सामाजिक क्षेत्र की नीतियों पर बहस तेज होने की संभावना है।