प्यूर्टो रिको की एक सातवीं कक्षा की छात्रा, वाइलेडी फेलिसियानो-रिवेरा ने बेकार केले के छिलकों को बायोडिग्रेडेबल मल्च में बदलकर एक अभिनव परियोजना शुरू की है। इस परियोजना का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान करना और कृषि क्षेत्र में संभावित लाभों को प्रदर्शित करना है। वाइलेडी द्वारा विकसित ‘एकोमुसा’ नामक मल्च ने परीक्षणों के दौरान खरपतवारों की वृद्धि को प्रभावी ढंग से कम किया, साथ ही मिट्टी में नमी बनाए रखने और मिट्टी के तापमान को कम करने में भी मदद की। वाइलेडी के इस कार्य को 2026 थर्मो फिशर साइंटिफिक जूनियर इनोवेटर्स चैलेंज में एक फाइनलिस्ट के रूप में मान्यता मिली है। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन उदाहरण है। वाइलेडी के इस रचनात्मक समाधान से प्यूर्टो रिको में कृषि के भविष्य के लिए नई संभावनाएं खुल सकती हैं।