नोवी साद के फिलॉसॉफिकल फैकल्टी की प्रोफेसर स्मिलजाना मिलिनकोव ने देश की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों का पुलिस प्रशासन पर से भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है। मिलिनकोव के अनुसार, समाज वर्तमान में राजनीतिक प्रतिशोध के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में किसी भी व्यक्ति की आवाज को दबाने का कोई उचित कारण नहीं होना चाहिए। उनके बयानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन की ओर इशारा किया गया है। यह मामला पुलिस की निष्पक्षता और राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़ी गहरी चिंताओं को दर्शाता है। प्रोफेसर ने नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया है।
