राज्य के कर्मचारी संगठनों के समन्वय मंच ने आठ जुलाई को सार्वजनिक उपक्रमों और विकेंद्रीकृत सेवाओं को प्रभावित करने वाली आम हड़ताल की घोषणा की है। अन्य श्रमिक संघ भी अपनी रणनीति तय कर रहे हैं। यह कदम सरकार की ‘शून्य व्यय’ नीति को लेकर उठाई गई आपत्तियों के बाद उठाया गया है, जिसे कर्मचारी संगठन जवाबदेही रिपोर्ट में अनुचित मान रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह नीति सार्वजनिक सेवाओं के लिए हानिकारक है और कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन करती है। हड़ताल का उद्देश्य सरकार पर इस नीति को वापस लेने का दबाव बनाना है। विभिन्न श्रमिक संघों ने इस हड़ताल को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे सार्वजनिक जीवन में व्यापक व्यवधान की आशंका है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत का प्रयास जारी है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है।