भारत में सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति के लिए अनुशंसित चार न्यायाधीशों के खिलाफ जनता से अगले दस दिनों तक शिकायतें मांगी जा रही हैं। संसदीय सुनवाई समिति ने इस संबंध में एक घोषणा जारी की है। जो कोई भी इन न्यायाधीशों की नियुक्ति पर आपत्ति दर्ज कराना चाहता है, वह निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत दर्ज कर सकता है। यह प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। समिति सभी प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करेगी और उसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यह कदम न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस मामले में अंतिम निर्णय संसद द्वारा लिया जाएगा।