सार्वजनिक प्रवर्तन रिकॉर्ड से संपत्ति एजेंटों और एजेंसियों के गलत व्यवहार की लागत बढ़ रही है। पारदर्शिता बढ़ने से इन एजेंटों और एजेंसियों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव आ रहा है। पहले, जहाँ अनियमितताएँ अक्सर छिपी रहती थीं, अब वे सार्वजनिक रूप से उजागर हो रही हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और व्यवसाय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। प्रवर्तन रिकॉर्ड में उल्लंघनों की जानकारी उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को भी अधिक जानकारी मिल रही है, जिससे वे बेहतर निर्णय ले सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संपत्ति बाजार में अधिक जवाबदेही और नैतिकता लाने में मदद करेगा। पारदर्शिता के कारण एजेंट अब नियमों का अधिक पालन करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। यह बदलाव दीर्घकाल में उपभोक्ताओं और पूरे बाजार के लिए फायदेमंद साबित होगा।